EOW मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में शुक्रवार सुबह आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर की टीम ने नगर पालिका के सेवानिवृत्त सहायक निरीक्षक योगेंद्र डिमोले के घर छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत के आधार पर विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट मिलने के बाद की गई।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 15 से 20 सदस्यीय EOW टीम एमपीईबी कॉलोनी स्थित उनके आवास पर पहुंची। टीम में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। अधिकारियों ने घर में मौजूद दस्तावेजों, बैंक और वित्तीय रिकॉर्ड के साथ अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान इलाके में लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।
लखनादौन में पदस्थापना के दौरान मिली थी शिकायत
EOW के डीएसपी मनजीत सिंह ने बताया कि योगेंद्र ढिमोले लखनादौन में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) का प्रभार भी संभाल चुके हैं और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके खिलाफ लखनादौन में पदस्थापना के दौरान आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत प्राप्त हुई थी। प्रारंभिक जांच में शिकायत के आधार मिलने के बाद विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त किया गया और शुक्रवार को उनके निवास पर छापेमारी की गई।
कई संपत्तियों और दस्तावेजों की जांच
EOW की टीम घर में मौजूद चल-अचल संपत्तियों, निवेश, बैंक खातों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, तलाशी पूरी होने के बाद जब्त दस्तावेजों और रिकॉर्ड का विश्लेषण किया जाएगा। जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में शुक्रवार सुबह आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर की टीम ने नगर पालिका के सेवानिवृत्त सहायक निरीक्षक योगेंद्र डिमोले के घर छापेमारी की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत के आधार पर विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट मिलने के बाद की गई।
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 15 से 20 सदस्यीय EOW टीम एमपीईबी कॉलोनी स्थित उनके आवास पर पहुंची। टीम में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। अधिकारियों ने घर में मौजूद दस्तावेजों, बैंक और वित्तीय रिकॉर्ड के साथ अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान इलाके में लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।
ईओडब्ल्यू की टीम सभी संपत्तियों का मूल्यांकन कर रही है। घर से मिली नकदी और आभूषणों का भी आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और सभी संपत्तियों का मूल्यांकन होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आय की तुलना में कितनी संपत्ति अर्जित की गई है।
