Amritsar Crime पुलिस को बड़ी कामयाबी, चीन-पाकिस्तान और तुर्किए के बने हथियार पकड़े, 2 तस्कर गिरफ्तार

Amritsar Crime पुलिस को बड़ी कामयाबी, चीन-पाकिस्तान और तुर्किए के बने हथियार पकड़े, 2 तस्कर गिरफ्तार

Amritsar Crime अमृतसर पुलिस की बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने सीमा पार हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। अमृतसर पुलिस ने दो तस्कर गिरफ्तार, 7 अत्याधुनिक पिस्तौल और 40 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार विदेश में बैठे तस्करों से सोशल मीडिया के जरिए था संपर्क, सीमा पार से मंगवाते थे हथियार पंजाब पुलिस ने अपराधियों को सख्त संदेश दिया है कि —वैध हथियार तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया ऐप्स के माध्यम से विदेश में बैठे हथियार तस्करों के संपर्क में थे। इनके जरिए सीमा पार से अवैध हथियारों की खेप मंगवाई जाती थी, जिन्हें आगे पंजाब और अन्य क्षेत्रों में सक्रिय अपराधियों तक पहुंचाया जाता था।

इस मामले में थाना सुल्तानविंड, अमृतसर में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब मामले की गहन जांच कर रही है ताकि इस पूरे नेटवर्क की पिछली और अगली कड़ियों का पता लगाया जा सके तथा इस अवैध हथियार सप्लाई चेन से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान कर उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सके।

पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अवैध हथियारों की तस्करी, संगठित अपराध और सीमा पार संचालित आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और ऐसे अपराधों पर पूरी तरह अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेंगे।

इस पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व डीसीपी (इन्वेस्टिगेशन) रविंद्र पाल सिंह और उनकी टीम ने किया। पुलिस ने इंटेलिजेंस-आधारित (Intelligence-based) ऑपरेशन के जरिए इस नेटवर्क को ट्रैक किया। पता चला है कि यह गिरोह ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियारों की तस्करी कर रहा था, जिन्हें पहले से निर्धारित स्थानों पर ड्रॉप किया जाता था।

बरामदगी: छापेमारी के दौरान पुलिस ने 7 सोफिस्टिकेटेड पिस्तौल और .30 बोर के 40 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। हथियारों के इस जखीरे में विशेष रूप से तुर्की, पाकिस्तान और चाइना मेड पिस्तौलें शामिल हैं। इनमें से एक 9mm ग्लॉक पिस्तौल है और एक विशेष रूप से मॉडिफाइड .30 बोर पिस्तौल भी बरामद की गई है।

आरोपियों की जानकारी: पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को पकड़ा है:

  1. सुरजीत सिंह उर्फ राणा: यह तरनतारन के भिखीविंड का रहने वाला है, 33 साल का है और पेशे से वेल्डर है। उसके खिलाफ 2025 में भी ड्रग तस्करी का एक मामला दर्ज है, जिसमें 5000 नशीली गोलियां पकड़ी गई थीं।

  2. गुलबाग सिंह उर्फ बाट: यह भी तरनतारन का रहने वाला है, 26 साल का है और 12वीं पास है। हैरत की बात यह है कि यह आरोपी भाई मंझ रोड पर एक ‘नशा मुक्ति केंद्र’ (डी-एडिक्शन सेंटर) चला रहा था।

पुलिस का रुख: पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या नशा मुक्ति केंद्र की आड़ में इन गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। साथ ही, पुलिस इन आरोपियों के वित्तीय बैकअप और ड्रग तस्करी नेटवर्क के साथ इनके संबंधों की गहराई से जांच कर रही है, ताकि इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जा सके।

 

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