CM योगी ने बरेली में मंगलवार को लोक निर्माण विभाग की मंडलीय समीक्षा बैठक में 5121 करोड़ रुपये की लागत वाली 2155 विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों को स्पष्ट समयसीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री (CM) ने सांसदों और विधायकों से कहा कि वे अपने-अपने विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों की प्राथमिकताएं तुरंत तय करें, ताकि प्रस्तावों को 15 जुलाई 2026 तक मंजूरी देकर बजट जारी किया जा सके और 15 अगस्त 2026 तक शिलान्यास कर निर्माण कार्य शुरू कराया जा सके।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी आज जनपद बरेली में 'राधेश्याम रामायण' के रचयिता एवं सुप्रसिद्ध कथावाचक पंडित राधेश्याम जी की प्रतिमा के अनावरण समारोह में सम्मिलित हुए। pic.twitter.com/I5h00w3ioR
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) June 30, 2026
इनफ्रा प्रोजेक्ट्स पर विस्तार से चर्चा
सर्किट हाउस सभागार में हुई इस बैठक में बरेली मंडल की सड़क, पुल और अन्य अवसंरचनात्मक परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री (CM) ने कहा कि विकास कार्यों में देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रस्तावों का निस्तारण तेज़ी से किया जाए और जनप्रतिनिधियों की ओर से आने वाले सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जाए।
लोक निर्माण के प्रमुख सचिव ने दिया ब्योरा
बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने मुख्यमंत्री को मंडल की प्रस्तावित परियोजनाओं का विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि बरेली मंडल में कुल 2155 विकास कार्य प्रस्तावित हैं, जिनकी अनुमानित लागत 5121 करोड़ रुपये है। इन कार्यों में 6 स्टेट हाईवे, 56 एमडीआर और ओडीआर सड़कें, 1 बाईपास, 23 धार्मिक महत्व के कार्य, 6 लॉजिस्टिक और इंडस्ट्रियल परियोजनाएं, 1 आईएससी रोड, 394 चीनी मिल संपर्क मार्ग, 255 नए सड़क निर्माण कार्य, 1 सीआरआईएफ रोड, 35 सड़क सुरक्षा परियोजनाएं, ग्रामीण क्षेत्रों में 91 बड़े और लघु पुल, शहरी क्षेत्रों में 2 बड़े और लघु पुल, 4 आरओबी और 1280 सड़कों की मरम्मत के प्रस्ताव शामिल हैं।
विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करें सांसद विधायक
मुख्यमंत्री (CM) योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सांसद और विधायक अपने क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी प्रस्ताव में संशोधन या नया सुझाव देना है, तो उसे तुरंत उपलब्ध कराया जाए, ताकि स्वीकृति प्रक्रिया में समय न लगे। मुख्यमंत्री (CM) ने कहा कि लोक निर्माण विभाग की जिम्मेदारी सिर्फ परियोजनाओं को मंजूरी दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करने की भी है कि निर्माण तय समय में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा हो।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज बरेली मंडल के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ लोक निर्माण विभाग की कार्ययोजनाओं की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री जी ने जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत विकास प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि कार्ययोजनाओं को आगामी 15 जुलाई तक अंतिम… pic.twitter.com/eMwpFCb2tB
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) June 30, 2026
विकास योजनाओं पर निरंतर निगरानी रखे अफसर
मुख्यमंत्री (CM) योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से यह भी कहा कि परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए कि सड़क और पुल निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए। उनके अनुसार, विकास कार्यों का लाभ तभी जनता तक पहुंचेगा जब निर्माण टिकाऊ, सुरक्षित और मानक के अनुरूप होगा। इसी कारण उन्होंने निगरानी तंत्र को मजबूत करने और हर स्तर पर जवाबदेही तय करने पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री (CM) योगी आदित्यनाथ के सामने बिजली कटौती का मुद्दा
बैठक के दौरान जनप्रतिनिधियों ने बरेली में बिजली कटौती और विद्युत आपूर्ति की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। प्रतिनिधियों ने अखबारों की कटिंग लहराते हुए कहा कि लोगों को लगातार बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है और फॉल्ट दूर करने में काफी समय लग रहा है। इस पर मुख्यमंत्री नाराज हो गए। उन्होंने विद्युत निगम के चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश से कड़े शब्दों में जवाब तलब किया और कहा कि मामला गंभीर है, इसलिए दो-चार दिन के भीतर सभी कमियों को दूर कर रिपोर्ट दी जाए।
हाइडिल को चीफ इंजीनियर के जवाब से नाराज हुए मुख्यमंत्री (CM)
मुख्यमंत्री (CM) योगी आदित्यनाथ न ने पूछा कि विद्युत निगम की ओर से कौन मौजूद है, तो चीफ इंजीनियर खड़े हुए और उन्होंने बताया कि पांच फीडरों पर ओवरलोडिंग के कारण ज्यादा परेशानी है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल की आंधी और बारिश में पेड़ और खंभे टूटने से समस्या बढ़ी। इस पर मुख्यमंत्री संतुष्ट नहीं हुए।
पूरी मीटिंग चीफ इंजीनियर ज्ञान प्रकाश को रखा खड़ा
मुख्यमंत्री (CM) योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ओवरलोडिंग के पीछे बिजली चोरी भी एक बड़ा कारण है। मुख्यमंत्री ने बिजली चोरी के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए और कहा कि इसमें पुलिस और प्रशासन की मदद ली जाए। बिजली विभाग के चीफ इंजीनियर के जवाब से मुख्यमंत्री (CM) योगी आदित्यनाथ और भी नाराज हो गए और उन्होंने चीफ इंजीनीयर ज्ञान प्रकाश को पूरी मीटिंग में खड़े रहने के आदेश दिए।
बिजली चोरों पर सख्त कार्रावाई के निर्देश
मुख्यमंत्री (CM) ने कहा कि जो लोग बिजली चोरी करते मिले, उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाए। उन्होंने जिलाधिकारी की देखरेख में एक समिति बनाने का भी निर्देश दिया, जो इस समस्या के समाधान के लिए सुझाव दे और फील्ड स्तर पर कार्रवाई सुनिश्चित करे। उन्होंने साफ कहा कि हर हाल में बिजली संकट का निस्तारण होना चाहिए और जनता को राहत मिलनी चाहिए।

मीटिंग में मंत्री, महापौर, सांसद और विधायक रहे मौजूद
मुख्यमंत्री (CM) की समीक्षा बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, केंद्रीय राज्य मंत्री बी.एल. वर्मा, वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, सहकारिता विभाग के प्रभारी मंत्री जे.पी.एस. राठौर, लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री बृजेश सिंह, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग के राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, महापौर डॉ. उमेश गौतम, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, बरेली सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार, शाहजहांपुर सांसद अरुण सागर, विधान परिषद सदस्य कुंवर महाराज सिंह, बहोरन लाल मौर्य, सुधीर गुप्ता और आशीष पाठक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री (CM) की बैठक में बरेली मंडल के विधायक भी शामिल हुए और उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े सुझाव रखे। इनमें कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा, नवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्य, बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेन्द्र शर्मा, बदायूं विधायक महेश चन्द्र गुप्ता, बिल्सी विधायक हरीश कुमार यादव, दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह, पूरनपुर विधायक बाबूराम पासवान, तिलहर विधायक सलोना कुशवाहा, कटरा विधायक डॉ. वीर विक्रम सिंह ‘प्रिंस’, जलालाबाद विधायक हरि प्रकाश शर्मा, ददरौल विधायक अरविन्द कुमार सिंह, पुवायां विधायक चेतराम पासी, बरखेड़ा विधायक प्रवक्ता नन्द और बीसलपुर विधायक विवेक शर्मा शामिल रहे।
इससे पहले CM योगी आदित्यनाथ ने कथावाचक पं. राधेश्याम की मूर्ति का भी अनावरण किया।
जयश्रीराम बोलने पर लाठी चार्ज करवाने पर रामभक्ति की वकालत कर रहें हैं- CM योगी
इससे पहले, मुख्यमंत्री (CM) योगी आदित्यनाथ ने रामपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो लोग ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने वालों पर लाठीचार्ज करवाते थे, वे आज राम भक्ति की वकालत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो लोग कभी राम भक्तों पर गोलियां चलवाते थे, वे आज भगवान राम के प्रति आस्था की बात कर रहे हैं।
‘समय का फेर जिन्हें राम के अस्तित्व पर भरोसा नहीं था आज अयोध्या जा रहे’
सीएम (CM) योगी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले जिस पार्टी को भगवान राम और भगवान कृष्ण के अस्तित्व पर विश्वास नहीं था, वही आज अयोध्या जाने की बात कर रही है। उन्होंने कहा कि जनता सब कुछ देख रही है और भगवान श्रीराम जानते हैं कि कौन सही है और कौन गलत। मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि रामभक्ति व्यक्ति को अन्याय और षड्यंत्र के विरुद्ध लड़ने की शक्ति देती है।
690 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री (CM) ने शाहबाद क्षेत्र स्थित शिवा शुगर मिल कंपाउंड में आयोजित जनसभा में करीब 690 करोड़ रुपये की लागत वाली 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। ये परियोजनाएं मुख्य रूप से मिलक और बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामपुर की धरती महाकालेश्वर महादेव, ओम नागेश्वर महादेव, कोसी मंदिर और मां बाला सुंदरी जैसे आस्था केंद्रों से समृद्ध है।
रामपुर में शिमला जैसा अहसास
जनसभा में मुख्यमंत्री (CM) योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामपुर का मौसम उन्हें शिमला जैसा महसूस होता है। उन्होंने 2017 से पहले के रामपुर और अब के रामपुर की तुलना करते हुए कहा कि पहले गरीबों की जमीनों पर कब्जा होता था और वाल्मीकि समुदाय को अधिकारों से वंचित रखा जाता था। उन्होंने कहा कि पहले सत्ता का उपयोग अन्याय के लिए होता था, लेकिन अब विकास और विरासत को साथ लेकर आगे बढ़ने की कार्ययोजना पर काम हो रहा है।
विज्ञापन जारी होते ही वसूली पर निकलती थी चाचा-भतीजे की जोड़ी- CM योगी
मुख्यमंत्री (CM) योगी आदित्यनाथ ने यह भी कहा कि पहले सरकारी विज्ञापन निकलता था तो ‘चाचा-भतीजे’ की जोड़ी लूटने निकल पड़ती थी। उन्होंने कहा कि पहले या तो सैफई परिवार का विकास होता था या फिर रामपुर के एक परिवार का, बाकी क्षेत्र उपेक्षित रहते थे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में अब विकास का माहौल बना है और उत्तर प्रदेश देश की टॉप-तीन अर्थव्यवस्था वाले राज्यों में शामिल हो रहा है।
चाकू गलत हाथों में रहेगा तो डाका डालेगा- CM योगी
CM योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चाकू गलत हाथों में रहेगा तो डाका डालेगा, लेकिन सही हाथों में वही जनता की सुरक्षा के काम आता है। उन्होंने कहा कि अब बिजली और विकास के मामलों में भेदभाव नहीं होता। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब यह नहीं होता कि बिजली एक क्षेत्र में आए और दूसरे क्षेत्र में न आए। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को गर्त में धकेलने का मतलब जनता को गर्त में धकेलना है, इसलिए विकास और सुरक्षा दोनों पर समान रूप से ध्यान देना जरूरी है।
दोस्ती की आड़ में छुरेबाजी कतई बर्दाश्त नहीं-योगी
डीपीआईआर की वेबसाइट पर मुख्यमंत्री का आखिरी प्रेसनोट 3 जून 2026
