Meja Triple Murder Prayagraj प्रयागराज के यमुनापार इलाके से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 9 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी हिमांशु यादव और उसके साथी गौतम को गिरफ्तार कर लिया है। कुकुरकटवा गांव में हुए इस सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड (Meja Triple Murder Prayagraj ) से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। प्रयागराज पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने दोनों आरोपियों को उस समय दबोचा, जब वे वारदात को अंजाम देकर कोर्ट में सरेंडर करने की फिराक में थे।
Meja Triple Murder Prayagraj के मुख्य हत्यारोपी हिमांशु यादव (19) पुत्र बुल्ले यादव की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसे आला कत्ल बरामद करने के लिए जैसे ही मेजा थाना क्षेत्र के पैरानीपुर गांव के समीप लेकर पहुंची। बताते हैं की मुख्य आरोपी हिमांशु यादव सरकारी वाहन से उतरने के दौरान मौका पाते ही एक दारोगा से पिस्टल छीनकर भागने लगा और फायर झोंक दिया। हालांकि पुलिस पार्टी बाल बाल बच गई और पुलिस की जवाबी कार्रवाई में तिहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी हिमांशु यादव के बाएं पैर में गोली लग गई। जिससे वह घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए पुलिस ने हत्यारोपी हिमांशु यादव को अस्पताल में दाखिल कराया है।*
आइए जानते हैं कि इस खौफनाक Meja Triple Murder Prayagraj कांड की मुख्य वजह क्या थी और पुलिस ने इस पर क्या एक्शन लिया है।
प्रेम प्रसंग और शादी का विरोध बनी तिहरे हत्याकांड की वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी हिमांशु यादव और मृतक परिवार की बेटी नेहा के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे। दोनों कुछ महीने पहले घर छोड़कर भी भाग गए थे, लेकिन बाद में सामाजिक समझौते के बाद लौट आए। इसके बाद युवती के परिजनों ने उसे उसके मामा के घर भेज दिया था।
हिमांशु लगातार नेहा से शादी करने की जिद पर अड़ा था, लेकिन युवती के माता-पिता इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। इसी रंजिश और खुन्नस में आकर हिमांशु ने अपने दोस्त के साथ मिलकर लड़की के परिवार को खत्म करने की खौफनाक साजिश रची।
लोहे की रॉड से हमला: एक ही परिवार के 3 लोगों की निर्मम हत्या
यह दर्दनाक वारदात मंगलवार सुबह तब उजागर हुई जब कुकुरकटवा गांव के एक घर में तीन शव मिले। Meja Triple Murder Prayagraj के मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
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श्यामलाल उर्फ कल्लू (युवती के पिता)
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मंजू देवी (युवती की माता)
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परिवार की एक अन्य महिला सदस्य
आरोपियों ने सोते समय तीनों पीड़ितों के सिर पर लोहे की रॉड (आला कत्ल) और भारी वस्तु से ताबड़तोड़ वार किए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) मेजा एसपी उपाध्याय और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
लापरवाही पर दरोगा सस्पेंड, CDR की जांच शुरू
Meja Triple Murder Prayagraj इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में पुलिस प्रशासन की एक बड़ी लापरवाही भी उजागर हुई है। मृतका के परिजनों ने घटना से पहले इस विवाद की शिकायत मुख्यमंत्री आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर दर्ज कराई थी, लेकिन स्थानीय पुलिस द्वारा इस पर कोई प्रभावी एक्शन नहीं लिया गया।
कड़ा एक्शन: मामले की गंभीरता और लापरवाही को देखते हुए पुलिस आयुक्त जोगेंद्र सिंह ने उपनिरीक्षक (Sub-Inspector) रामविलास सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
वर्तमान में प्रयागराज पुलिस मुख्य आरोपी हिमांशु, उसके साथी और युवती के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR Investigation) को खंगाल रही है, ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि इस तिहरे हत्याकांड की साजिश में क्या कोई अन्य बाहरी व्यक्ति भी शामिल था।
फास्ट ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा की मांग
इस क्रूर वारदात के बाद से कुकुरकटवा गांव और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि Meja Triple Murder Prayagraj के इस जघन्य अपराध की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट (Fast Track Court) में की जाए और दोषियों को जल्द से जल्द फांसी की सजा दिलाई जाए। पुलिस अधिकारियों का आश्वासन है कि केस को इतनी मजबूती से तैयार किया जा रहा है ताकि आरोपियों को सख्त से सख्त कानूनी सजा मिल सके। पुलिस फिलहाल हत्या में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के लिए आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है।
