बरेली के थाना बारादरी पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैर पसार चुके Bareilly to Dubai हवाला रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने फर्जी कंपनी खोलकर और बेनामी रुपयों को हवाला के माध्यम से ट्रांसफर करने वाले 2 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। बरेली पुलिस ने देश विरोधी और संदिग्ध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 35 लाख रुपये कैश, 4 मोबाइल फोन और 2 फर्जी आधार कार्ड बरामद किए हैं। इस बड़े Bareilly to Dubai हवाला रैकेट के तार सीधे खाड़ी देशों से जुड़े होने के कारण अब देश की अन्य सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।
माधोबाड़ी से दबोचे गए दोनों शातिर आरोपी
बरेली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देश पर अपराधियों और संदिग्ध वित्तीय नेटवर्कों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बारादरी पुलिस को यह बड़ी कामयाबी मिली है। मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने माधोबाड़ी इलाके में छापा मारकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जमीर अहमद (निवासी हजियापुर चुंगी, बरेली) और जगदीश चोटिया (निवासी बीकानेर, राजस्थान) के रूप में हुई है। जामा तलाशी के दौरान इनके पास से भारी मात्रा में नकदी और फर्जी दस्तावेज बरामद हुए, जिससे इस Bareilly to Dubai हवाला रैकेट की पूरी कार्यप्रणाली का खुलासा हो सका।
दुबई से जुड़े हैं तार, व्हाट्सएप पर मिलता था ‘टोकन’
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासे किए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आरोपी जमीर अहमद ने कबूल किया कि इस Bareilly to Dubai हवाला रैकेट का मुख्य सूत्रधार दुबई में बैठा अली जीशान नाम का व्यक्ति है।
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फर्जी कंपनी का खेल: दुबई निवासी अली जीशान के इशारे पर मोईन अली के नाम से एक फर्जी ‘KGN कंपनी’ खोली गई थी।
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ऑफिस का इस्तेमाल: इस फर्जी कंपनी का बकायदा एक ऑफिस पीलीभीत बाईपास रोड स्थित आशुतोष सिटी में बनाया गया था, जहाँ कोई वास्तविक कारोबार नहीं होता था। इस दफ्तर का इस्तेमाल केवल इस Bareilly to Dubai हवाला रैकेट का पैसा खपाने के लिए किया जाता था।
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व्हाट्सएप का सिंडिकेट: दुबई से अली जीशान व्हाट्सएप पर एक गुप्त टोकन नंबर भेजता था और बैंक खातों में मोटी रकम डलवाता था। इसके बाद यह पैसा दिल्ली में बैठे नेटवर्क के गुर्गों (लालचंद और धम्माराम) तक पहुंचाया जाता था।
4 साल से बरेली में एक्टिव था गैंग, मास्टर माइंड जीशान फरार
इस अवैध नेटवर्क के दूसरे मोहरे जगदीश चोटिया ने पुलिस के सामने कबूल किया कि वह पिछले 4 साल से बरेली और आस-पास के जिलों में इस सिंडिकेट के लिए काम करता था। वह विभिन्न व्यापारियों और सटोरियों का टैक्स बचाने के लिए बेनामी धन को इधर-उधर ट्रांसफर करवाता था। जगदीश, जीशान के निर्देश पर कमीशन लेकर दिल्ली में टोकन धारकों को पैसा डिलीवर करवाता था। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस Bareilly to Dubai हवाला रैकेट में पैसा भेजने और लेने वाले, दोनों की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाती थी।
3 आरोपी अभी भी फरार, BNS के तहत FIR दर्ज
बारादरी थाना पुलिस ने इस मामले में शामिल 3 अन्य सह-आरोपियों मोईन अली (निवासी हजियापुर), लालचंद और धम्माराम (दोनों निवासी दिल्ली) को वांछित (Wanted) घोषित किया है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
पुलिस ने थाना बारादरी में मु0अ0सं0 752/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 111, 318(4), 336(3), 338 और 340(2) के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पकड़े गए दोनों आरोपियों को कोर्ट में रिमांड के लिए पेश किया जा रहा है।
Bareilly to Dubai हवाला का बड़ा भंडाफोड़, फर्जी कंपनी-फर्जी दस्तावेज करोड़ों का हेरफेर पर क्या बोले बरेली के SSP अनुराग आर्य pic.twitter.com/LQeWswwtLv
— news wala (@NewsWalaOrg) June 7, 2026
पुलिस टीम की बड़ी कामयाबी
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने में एसपी सिटी और सीओ नगर तृतीय के मार्गदर्शन में बारादरी थाना पुलिस की टीम ने अत्यंत सराहनीय भूमिका निभाई। बरेली पुलिस अब इस Bareilly to Dubai हवाला रैकेट के अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और फंडिंग के सोर्स की गहराई से जांच कर रही है कि कहीं इस पैसे का इस्तेमाल अन्य संदिग्ध या देश विरोधी गतिविधियों में तो नहीं होना था।
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