UP Hamirpur Haadsa 6 की मौत, मुख्यमंत्री की चढ़ीं त्यौरियां, इंजीनियर-ठेकेदारों के खिलाफ होगी FIR!

UP Hamirpur Haadsa 6 की मौत, मुख्यमंत्री की चढ़ीं त्यौरियां, इंजीनियर-ठेकेदारों के खिलाफ होगी FIR!

UP Hamirpur Haadsa  उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक और बड़ा हादसा सामने आया है। यहाँ बेतवा नदी पर बन रहे एक बड़े निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा (गर्डर) अचानक भरभराकर गिर गया। इस भीषण हादसे की चपेट में आने से वहाँ काम कर रहे 6 मजदूरों की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि कई अन्य के घायल होने की आशंका जताई जा रही है।इस हादसे की खबर मिलते ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने तुरंत संज्ञान लिया है। हादसे में मरने वालों के परिजनों को आर्थिक मदद के ऐलान एंव सांत्वना व्यक्त करने के साथ ही योगी ने कहा है कि दोषी पाए जाने वाले इंजीनियरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।

घटना के बाद से ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय प्रशासन सहित भारी पुलिस बल राहत और बचाव कार्य में जुट गया है। आइए जानते हैं कैसे हुआ यह हादसा और क्या है मौजूदा स्थिति।

काम के दौरान अचानक ढह गया भारी-भरकम ढांचा

मिली जानकारी के मुताबिक, हमीरपुर में बेतवा नदी पर यातायात को सुगम बनाने के लिए एक नए पुल का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था। रोजाना की तरह आज भी बड़ी संख्या में मजदूर और तकनीकी स्टाफ साइट पर काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक पुल का एक भारी-भरकम हिस्सा (लॉन्चिंग गर्डर/पिलर का हिस्सा) तेज आवाज के साथ नीचे आ गिरा।

पुल के मलबे की चपेट में वहां नीचे काम कर रहे कई मजदूर आ गए। भारी कंक्रीट और लोहे के गाटर के नीचे दबने के कारण 5 मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई।

राहत और बचाव कार्य जारी, मौके पर पहुंचे आलाधिकारी

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और पुलिस प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचे। मलबे की भयावहता को देखते हुए तुरंत क्रेन और जेसीबी (JCB) मशीनों को काम पर लगाया गया है ताकि भारी स्लैब को हटाकर दबे हुए लोगों को निकाला जा सके।

जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) सहित जिले के तमाम आलाधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। घायलों को तुरंत नजदीकी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। मलबे के नीचे अभी भी कुछ और लोगों के दबे होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए रेस्क्यू ऑपरेशन को बेहद सावधानी से चलाया जा रहा है।

मृतकों के परिवारों में कोहराम इस हादसे में जान गंवाने वाले मजदूर देश और प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से रोजी-रोटी कमाने आए थे। अचानक हुई इस अनहोनी से उनके परिवारों में कोहराम मच गया है। प्रशासन मृतकों की शिनाख्त करने और उनके परिजनों से संपर्क साधने की कोशिश में जुटा है।

सामने आ रही हैं निर्माण गुणवत्ता और लापरवाही की बातें

इस बड़े हादसे ने एक बार फिर सरकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और चश्मदीदों का आरोप है कि:

  • निर्माण कार्य में तय मानकों की अनदेखी की जा रही थी।
  • भारी ढांचा खड़ा करते समय सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम (Safety Measures) नहीं किए गए थे।
  • बिना उचित तकनीकी सुपरविजन के लेबर से जोखिम भरा काम कराया जा रहा था।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान, जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश शासन ने इस हादसे को बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मृतकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई है और घायलों को समुचित इलाज मुहैया कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, हादसे के कारणों की जांच के लिए उच्च स्तरीय तकनीकी टीम का गठन किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा—चाहे वह ठेकेदार हो या संबंधित विभाग के इंजीनियर—उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई (FIR) की जाएगी।

 

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