WCRWU जबलपुर में वेस्ट सेंट्रल रेलवे वर्कर्स यूनियन ने रेलवे प्रशासन के अड़ियल रवैये और कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यूनियन द्वारा आयोजित ‘गेट मीटिंग’ में कार्यकर्ताओं ने प्रशासन पर तानाशाही और पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए।
भेदभावपूर्ण स्थानांतरण
यूनियन के पदाधिकारियों, विशेषकर मंडल सचिवों का बार-बार तबादला किया जा रहा है, जबकि अन्य संगठनों के लोग वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं।
सुविधाओं में कटौती: चुनाव जीतने के बावजूद यूनियन को मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं, जैसे नोटिस बोर्ड और गेट मीटिंग की अनुमति में बाधाएं उत्पन्न की जा रही हैं।
ट्रैकमैन की उपेक्षा
उच्च शिक्षित (B.E., B.Tech, M.Com) ट्रैकमैन को अन्य विभागों में जाने का अवसर नहीं मिल रहा है, जबकि कम शिक्षित लोगों को पदोन्नति दी जा रही है।
सुरक्षा का अभाव
कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए ‘रक्षक’ यंत्र उपलब्ध कराने की मांग अभी भी लंबित है, जिससे हर साल सैकड़ों कर्मचारी अपनी जान गंवा रहे हैं। यूनियन के महामंत्री पुष्पेंद्र त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने अपनी “एसी ऑफिस” वाली नींद छोड़कर कर्मचारियों की जायज मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो यह विरोध प्रदर्शन और उग्र रूप लेगा।
