MELONI मोदी की मुलाकात ने लिख दी नई इबारत, दुनिया भौचक्क, ‘मेलोडी’ की सेल्फी वायरल- देखें तस्वीरें

MELONI मोदी की मुलाकात ने लिख दी नई इबारत, दुनिया भौचक्क, ‘मेलोडी’ की सेल्फी वायरल- देखें तस्वीरें

Meloni और मोदी की मुलाकात ने एक बार दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। हालांकि इससे पहले पीएम मोदी की चार नॉर्डिक देशों की यात्रा भी दुनिया भर की मीडिया की सुर्खियां बना था, लेकिन रोम पहुंचने पर इटली की प्राइम मिनिस्टर से पीएम मोदी की मुलाकात सबसे ज्यादा चर्चित है। इस मुलाकात के कई मायने हैं। जो निकट भविष्य में सामने आएंगे। पीएम मोदी का डेनिम ब्लू लॉंग कुर्ते में इंडियन लुक गजब का लग रहा था तो मेलोनी भी पिंक टॉप के साथ अद्भुत छटा बिखेर रहीं थीं। दोनों नेताओं की बॉंडिंग भी एक अलग कहानी बयां कर रही थी।

मेलोनी जब भी पीएम मोदी से मिलती हैं तो वो सेल्फी जरूर शेयर करती हैं। इस बार भी उन्होंने सेल्फी सोशल मीडिया पर शेयर की है। यह पोस्ट आज सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा देखी जाने वाली पोस्ट बन चुकी है।

इस दौरे की सबसे चर्चित झलक वह रही जब इतालवी कलाकार जियामपाओलो टोमासेट्टी ने प्रधानमंत्री मोदी को वाराणसी पर आधारित विशेष पेंटिंग भेंट की। यह भेंट केवल एक कलाकृति नहीं थी, बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रति गहरी रुचि का प्रतीक भी बनी। टोमासेट्टी लंबे समय से भारतीय कला और वैदिक परंपरा से जुड़े विषयों पर काम करते रहे हैं, जिससे यह तोहफा और भी अर्थपूर्ण हो गया।

 

रोम पहुंचने पर मोदी ने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से डिनर पर मुलाकात की, जिसके बाद दोनों नेता ऐतिहासिक कोलोसियम भी गए। मेलोनी ने सोशल मीडिया पर “Welcome to Rome, my friend” लिखकर मोदी का स्वागत किया, जिससे दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल का भी संकेत मिला। यह मुलाकात बताती है कि भारत और इटली अब केवल औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सहयोग को अधिक व्यावहारिक और दीर्घकालिक स्तर पर ले जाना चाहते हैं।

इसी पृष्ठभूमि में दोनों देशों के बीच संबंधों को और ऊंचाई देने पर चर्चा हुई। रिपोर्टों के अनुसार, भारत और इटली अपने रिश्तों को मजबूत करते हुए स्पेशल स्ट्रैटेजिक फ्रेमवर्क जैसी व्यवस्था पर विचार कर रहे हैं, साथ ही Joint Strategic Action Plan 2025-2029 की समीक्षा भी इस यात्रा का अहम हिस्सा रही। इस ढांचे के तहत रक्षा, समुद्री सुरक्षा, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, निवेश और लोगों के बीच संपर्क जैसे क्षेत्रों में सहयोग को संस्थागत रूप दिया जा सकता है।

रणनीतिक दृष्टि से यह यात्रा भारत के लिए खास मायने रखती है क्योंकि इटली यूरोप के साथ भारत की पहुंच, व्यापारिक संपर्क और IMEC यानी India-Middle East-Europe Economic Corridor में महत्वपूर्ण भागीदार बन सकता है। मोदी ने भी अपनी पोस्ट में इस पहलू को रेखांकित किया और कहा कि चर्चा का फोकस भारत-इटली सहयोग को मजबूत करने पर रहेगा, खासतौर पर IMEC और संयुक्त रणनीतिक कार्ययोजना की समीक्षा पर।

आर्थिक मोर्चे पर भी यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2025 में भारत और इटली के बीच व्यापार करीब 14।3 अरब यूरो तक पहुंचा, और दोनों देश इसे और आगे ले जाने की कोशिश में हैं। विनिर्माण, ऑटोमोबाइल, मशीनरी, फार्मा, रक्षा उत्पादन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के मौके मौजूद हैं। प्रधानमंत्री मोदी की इटली के उद्योगपतियों और कारोबारी नेताओं से मुलाकातें भी इसी दिशा में देखी जा रही हैं।

सैन्य और आर्थिक सहयोग और बढ़ेगा

सुरक्षा और भू-राजनीति के स्तर पर भी यह यात्रा अहम है। भारत और इटली के बीच रक्षा सहयोग, सह-उत्पादन, समुद्री सुरक्षा, इंडो-पैसिफिक साझेदारी और सूचना साझाकरण पर हाल के महीनों में तेजी आई है। दोनों देशों ने 2026-27 के सैन्य सहयोग प्लान के तहत रक्षा औद्योगिक सहयोग को भी मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। ऐसे में मोदी-मेलोनी संवाद को व्यापक वैश्विक संदर्भ में देखा जा रहा है।

मजबूती के साथ आगे बढ़ रहे इटली-भारत संबंध

यह यात्रा केवल एक द्विपक्षीय कूटनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सांस्कृतिक नरमी, आर्थिक हितों और सामरिक संतुलन का मिला-जुला संदेश भी है। रोम में काशी की झलक, कोलोसियम के सामने नेताओं की मुलाकात और व्यापार-रक्षा पर गंभीर बातचीत ने इस दौरे को खास बना दिया है। भारत और इटली अब अपने संबंधों को नई संस्थागत मजबूती और वैश्विक भूमिका देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

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