Bareilly Cantt Police उत्तर प्रदेश के बरेली जिले से एक बेहद संवेदनशील और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला सामने आया है। यहाँ Bareilly Cantt Police ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सदर बाजार से सेना की वर्दी और कॉम्बैट कपड़ा अवैध रूप से बेचने वाले एक मुख्य दुकानदार अरबाज को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
इस विशेष ऑपरेशन में Bareilly Cantt Police और सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त छापेमारी के दौरान आरोपी के कब्जे से भारी मात्रा में सेना की कॉम्बैट यूनिफॉर्म, आर्मी कैप, रैंक बैज और लगभग 2100 मीटर कॉम्बैट पैटर्न का कपड़ा बरामद किया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में सैन्य सामग्री और कपड़ा मिलने के बाद से खुफिया एजेंसियां और मिलिट्री इंटेलिजेंस (MI) पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
एसपी सिटी मानुष पारीक की सख्त चेतावनी: ‘राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं’
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी सिटी मानुष पारीक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरी घटना का ब्यौरा साझा किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और भारतीय सेना की गरिमा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने मीडिया को बताया:
“आर्मी पैटर्न की आधिकारिक यूनिफॉर्म या उसका विशेष कपड़ा बिना वैध लाइसेंस व अनुमति के रखना, बनाना और बेचना एक बेहद गंभीर और गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। असामाजिक तत्व, देशविरोधी ताकतें या आतंकी संगठन इस तरह की हूबहू दिखने वाली वर्दी का दुरुपयोग कर किसी बड़ी अप्रिय घटना को अंजाम दे सकते हैं। Bareilly Cantt Police इस मामले के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है।”
उन्होंने साफ किया कि आरोपी अरबाज के पूरे सप्लाई चेन और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज को खंगाला जा रहा है। अब Bareilly Cantt Police यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर 2100 मीटर प्रतिबंधित कॉम्बैट कपड़ा बरेली तक कैसे पहुंचा और अब तक यह किन-किन संदिग्ध लोगों को बेचा जा चुका है।
सदर बाजार में छापेमारी और आरोपी की गिरफ्तारी
यह पूरी कार्रवाई मुखबिर से मिली एक बेहद सटीक और गोपनीय सूचना के आधार पर की गई। दरअसल, Bareilly Cantt Police को सूचना मिली थी कि सदर बाजार स्थित एक दुकान में बिना किसी वैध कागजात के सेना की कॉम्बैट यूनिफॉर्म और अन्य आधिकारिक साजो-सामान धड़ल्ले से बेचे जा रहे हैं।
सूचना मिलते ही Bareilly Cantt Police थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। इस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से सदर बाजार की संदिग्ध दुकान पर अचानक छापा मार दिया। छापेमारी के दौरान दुकान के अंदर जब सघन तलाशी ली गई, तो वहां मौजूद स्टॉक को देखकर Bareilly Cantt Police के अधिकारी भी हैरान रह गए। दुकान के मालिक अरबाज के पास सेना की वर्दी, कैप या आधिकारिक रैंक बैज रखने या बेचने का कोई भी वैध लाइसेंस, सेना का अथॉराइजेशन लेटर या जीएसटी बिल मौजूद नहीं था। इसके बाद Bareilly Cantt Police ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी अरबाज को हिरासत में ले लिया और पूरी सामग्री को सील कर दिया।
2100 मीटर कॉम्बैट कपड़ा: सुरक्षा पर बड़ा सवाल?
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली और चिंताजनक बात २१०० मीटर कॉम्बैट कपड़े की बरामदगी है। रक्षा विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, २१०० मीटर कपड़े का इस्तेमाल करके सैकड़ों की संख्या में सेना की कॉम्बैट यूनिफॉर्म तैयार की जा सकती हैं।
भारतीय रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) की सख्त गाइडलाइंस के अनुसार, सेना के नए डिजिटल कॉम्बैट पैटर्न और पुराने कॉम्बैट पैटर्न के कपड़े को खुले बाजार में बेचने पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसे केवल सेना के अधिकृत कैंटीन या स्वीकृत वेंडर्स के जरिए ही जवानों को जारी किया जा सकता है। ऐसे में खुले बाजार की एक सामान्य दुकान में इतनी भारी मात्रा में कपड़ा मिलना देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक सीधा और बड़ा खतरा माना जा रहा है।
बरामद सामग्रियों की सूची
जांच के दौरान Bareilly Cantt Police ने मौके से जो सामग्रियां जब्त की हैं, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
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2100 मीटर उच्च गुणवत्ता वाला कॉम्बैट पैटर्न कपड़ा
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दर्जनों सेट तैयार आर्मी कॉम्बैट यूनिफॉर्म
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आधिकारिक भारतीय सेना की कैप
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विभिन्न सैन्य रैंक के बैज और शोल्डर स्ट्रैप्स
गहन पूछताछ और नेटवर्क को ध्वस्त करने की कवायद
पकड़े गए आरोपी अरबाज के खिलाफ कैंट थाने में संबंधित गंभीर कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। Bareilly Cantt Police और इंटेलिजेंस विंग की संयुक्त टीमें आरोपी से लगातार कस्टडी में पूछताछ कर रही हैं। जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि इस अवैध कारोबार का मुख्य सप्लायर कौन है? क्या यह कपड़ा किसी आधिकारिक मिलिट्री मैन्युफैक्चरिंग यूनिट से लीक हुआ है या इसे किसी टेक्सटाइल मिल में अवैध रूप से तैयार करवाकर बरेली लाया गया था? पुलिस अरबाज के बैंक खातों और कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) की भी बारीकी से जांच कर रही है ताकि उसके खरीदारों की पहचान की जा सके।
बरेली कैंट एरिया में हाई अलर्ट और पुलिस की अपील
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद बरेली कैंट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। मिलिट्री इंटेलिजेंस और लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) संयुक्त रूप से कैंट की सभी कतरन और रेडीमेड कपड़ों की दुकानों पर नजर रख रही हैं। इस बीच Bareilly Cantt Police द्वारा कैंट एरिया की सभी दुकानों की औचक चेकिंग के सख्त आदेश जारी कर दिए गए हैं।
एसपी सिटी मानुष पारीक ने बरेली के आम नागरिकों और व्यापारियों से विशेष अपील की है कि यदि उनके आसपास कोई भी व्यक्ति या दुकानदार अवैध रूप से आर्मी यूनिफॉर्म, मिलिट्री बैज या कॉम्बैट कपड़ा बेचता या संदेहास्पद स्थिति में घूमता हुआ दिखाई दे, तो राष्ट्रहित में तुरंत इसकी सूचना पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
