Waqf Board पर सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर बरेलवी मौलाना की प्रतिक्रिया-देखें क्या बोले शहाबुद्दीन रज़वी

Waqf Board पर सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर बरेलवी मौलाना की प्रतिक्रिया-देखें क्या बोले शहाबुद्दीन रज़वी

Waqf Board  योगी आदित्यनाथ कोई बयान दें और उस पर प्रतिक्रियाएं न आएं ऐसा हो ही नहीं सकता। सीएम योगी आदित्यनाथ की बातों से कोई सहमत हो सकता है, असहमत हो सकता है, मगर योगी के बयानों को कोई अनदेखा-अनसुना कर जाए ऐसा नहीं हो सकता।

फिलहाल हम चर्चा कर रहे हैं, 7 जुलाई को प्रतापगढ़ की एक रैली में किए गए सम्बोधन की। प्रतापगढ़ रैली में वक्फ (Waqf Board) के दुरुपयोग वाले बयान पर मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी की प्रतिक्रिया आई है। पहले देखते हैं कि मौलाना ने क्या कहा है-

आल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रतापगढ़ की एक रैली में भले ही योगी आदित्यनाथ की कुछ बातों से इत्तेफाक नहीं है, लेकिन वक्फ बोर्ड (Waqf Board) में वक्फ संपत्तियों की लूट और उनके गलत तरीके से किए गए खरीद-फरोख्त के आरोपों पर वे 100% सहमत हैं। उन्होंने कहा कि चाहे सुन्नी वक्फ बोर्ड हो या शिया वक्फ बोर्ड (Waqf Board ), इनके जिम्मेदारों ने अपने कार्यकाल में वक्फ की ज़मीनों को निजी हितों के लिए इस्तेमाल किया है।

मौलाना के अनुसार, हमारे बुज़ुर्गों ने ये ज़मीनें इसलिए वक्फ (Waqf Board ) को दी थीं ताकि उनसे होने वाली आमदनी से गरीब, कमज़ोर और लाचार मुसलमानों की मदद की जा सके। उनके सपनों के अनुरूप इन संपत्तियों से यतीमखाने, स्कूल, कॉलेज, मदरसे और अस्पताल खोले जाने थे, लेकिन हकीकत कुछ और ही है।

मौलाना का आरोप है कि वक्फ बोर्ड (Waqf Board) के जिम्मेदारों ने इन ज़मीनों का लखनऊ की ‘रेवड़ी’ की तरह अपने-अपने इलाकों में बंटवारा कर दिया है।

संपत्तियों के दुरुपयोग पर चिंता

मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वक्फ की ज़मीनों का उद्देश्य समाज सेवा था, जिसे पूरा करने के बजाय उसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया गया है। उन्होंने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा:

“जिम्मेदार लोगों ने वक्फ की ज़मीनों की लूट-खसोट की है। बुज़ुर्गों की असली जो वसीयत थी और वक्फ (Waqf Board ) की जो मंशा थी, उस पर इन लोगों ने पानी फेरने का काम किया है।”

मौलाना रज़वी ने बताया समाधान क्या है?

इस गंभीर मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना ने Waqf Board  की एक निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की आवश्यकता पर बल दिया है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके। उनका मानना है कि वक्फ बोर्ड Waqf Board के कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना समय की मांग है। यह केवल संपत्तियों का मामला नहीं है, बल्कि यह उन गरीब समुदायों के हकों का मामला है जिन्हें उन ज़मीनों से लाभ मिलना चाहिए था।

मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी के ताजा बयान से साफ जाहिर कि  वक्फ बोर्ड (Waqf Board ) के जिम्मेदारों ने अपने कार्यकाल में वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग किया है और ज़मीनों को रेवड़ी की तरह बांटा है।

मौलाना रज़वी ने बताया है कि  वक्फ संपत्तियों का मूल उद्देश्य उनसे होने वाली आमदनी से गरीब, कमज़ोर, और लाचार लोगों की मदद करना, तथा यतीमखाने, स्कूल, कॉलेज और अस्पताल जैसी जन-कल्याणकारी सुविधाएं स्थापित करना था।

सवाल उठता है कि क्या मौलाना रज़वी ने योगी आदित्यनाथ के सभी बयानों का समर्थन किया है? तो जवाब है नहीं। मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने स्पष्ट किया है कि वे केवल वक्फ बोर्ड से जुड़े भ्रष्टाचार और ज़मीनों के गलत उपयोग के आरोपों पर सहमत हैं।

अब देखते और सुनते हैं कि प्रतापगढ़ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने आखिर कहा क्या था-

  • अवैध कब्जों पर निशाना: सीएम ने आरोप लगाया कि वक्फ के नाम पर हजारों एकड़ सरकारी और निजी जमीनों पर अवैध कब्जे किए गए हैं, लेकिन विपक्षी पार्टियों ने इस पर हमेशा चुप्पी साधे रखी।

  • अराजकता का आरोप: मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि विपक्ष नागरिकता कानून या वक्फ कानून जैसे सुधारों का विरोध केवल इसलिए करता है ताकि राज्य में अराजकता की स्थिति बनी रहे और वे अपनी राजनीति चमका सकें।

  • राम मंदिर पर नकारात्मक राजनीति: सीएम ने कहा कि राम मंदिर का निर्माण भक्तों की आस्था का विषय है, लेकिन समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे दल इसे अपनी राजनीति का माध्यम बनाकर जन भावनाओं को चोट पहुँचा रहे हैं।

  • वक्फ संपत्ति पर दोहरा मापदंड: मुख्यमंत्री ने इन दलों पर आरोप लगाया कि वक्फ के नाम पर सरकारी और गरीब लोगों की जमीनों पर जो अवैध कब्जे हुए हैं, उस पर सपा और कांग्रेस की चुप्पी उनकी नकारात्मक मंशा को उजागर करती है।

  • विकास कार्यों में बाधा: उन्होंने कहा कि विपक्ष की नीति विकास के बजाय केवल बाधा डालना है और वे जानबूझकर ऐसे कानूनों का विरोध करते हैं जो समाज में व्यवस्था और सुधार लाने के लिए आवश्यक हैं।

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         सपा और कांग्रेस के बारे में क्या कहना है मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी का 

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