Central Jail Bareilly, Crime News इज्जतनगर स्थित केंद्रीय कारागार से फरार हुए आजीवन कारावास के सजायाफ्ता कैदी दिनेश को बरेली पुलिस ने एक सफल ऑपरेशन के तहत चार दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के प्रयास के दौरान अपराधी ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है।
घटना का संक्षिप्त विवरण
पुलिस रिपोर्ट्स के अनुसार, अमरोहा के डिडौली थाना क्षेत्र के रहने वाले दिनेश को नाबालिग से दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के गंभीर मामलों में दोषी करार दिया गया था। 9 जनवरी 2026 को अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। अपनी सजा काटने के लिए उसे अप्रैल 2026 में बरेली केंद्रीय कारागार (Central Jail Bareilly) स्थानांतरित किया गया था।
कैसे दिया चकमा
दिनेश ने अपनी फरारी के लिए काफी सोच-समझकर एक योजना बनाई, जिसे ‘पानी के बहाने और खेतों की आड़’ का नाम दिया जा सकता है:
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समय का चयन: उसने दोपहर 12:30 बजे का समय चुना, जब (Central Jail Bareilly) जेल परिसर में काम करने वाले कैदियों और तैनात सुरक्षाकर्मियों की संख्या कम होती है और आमतौर पर लंच या आराम का समय होता है।
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बहानेबाजी: उसने सबसे पहले ‘पानी पीने’ का बहाना बनाया। (Central Jail Bareilly) जेल के कृषि फार्म के पास स्थित ट्यूबवेल को उसने अपना मुख्य केंद्र बनाया क्योंकि वहाँ से बाउंड्री वॉल तक का रास्ता खेतों से होकर गुजरता था।
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भौगोलिक लाभ: दिनेश ने ढेंचा (एक प्रकार की लंबी फसल) के खेतों का उपयोग एक ‘कवर’ की तरह किया। ढेंचा की फसल काफी ऊंची और घनी होती है, जिसके कारण वह सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचते हुए दीवार तक पहुँचने में सफल रहा।
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सुरक्षा सेंध: Central Jail Bareilly की दीवार के पास पहुँचते ही उसने एक ऐसे स्थान का चुनाव किया जहाँ सुरक्षाकर्मी कम थे। उसने जेल की दीवार फांदी और सीधे बाहर निकल गया। जेल प्रशासन को उसकी अनुपस्थिति का पता तब चला जब दोपहर की गिनती (Roll Call) के दौरान वह गायब मिला।
पुलिस की कार्रवाई और ईनाम
इस गंभीर सुरक्षा चूक को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन ने तत्काल प्रभाव सेCentral Jail Bareilly के जेलर और डिप्टी जेलर समेत सात कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि अपराधी की त्वरित गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए उस पर 25 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया गया था। पुलिस की कई टीमें तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों के नेटवर्क के जरिए लगातार उसकी मॉनिटरिंग कर रही थीं।
मुठभेड़ और गिरफ्तारी की कहानी
पुलिस जांच में सामने आया कि जेल से भागने के बाद दिनेश ने परतापुर निवासी नासिर कुरैशी के घर शरण ली थी, जिससे उसकी पहचान खेती के दौरान हुई थी। पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी रात के अंधेरे में अवैध हथियारों के साथ अपने गृह जनपद अमरोहा भागने की फिराक में है।
क्षेत्र की घेराबंदी के दौरान दिनेश ने एक खंडहरनुमा मकान में छिपकर पुलिस पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। उसे उपचार हेतु नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद कड़ी सुरक्षा के बीच दोबारा केंद्रीय कारागार (Central Jail Bareilly) भेज दिया गया है।
कानूनी स्थिति
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिनेश की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। अब उस पर निम्नलिखित नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं:
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जेल से फरार होने का मामला: कारागार अधिनियम के तहत।
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पुलिस पर जानलेवा हमला: धारा 307 (IPC) के अंतर्गत।
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अवैध शस्त्र अधिनियम: बिना लाइसेंस के हथियार रखने के लिए।
सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
यह घटना Central Jail Bareilly जेल प्रशासन की सुरक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। केंद्रीय कारागार जैसे सुरक्षित संस्थान से अपराधी का इतनी आसानी से निकल जाना ‘प्रोटोकॉल’ के उल्लंघन को दर्शाता है। मामले की उच्चस्तरीय जांच जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी घटना भविष्य में न हो।
