PDA Action on Coaching Center उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड की गूंज अब प्रयागराज की शैक्षणिक गलियों में भी सुनाई दे रही है। इस घटना से सबक लेते हुए, प्रयागराज विकास प्राधिकरण (PDA) और अग्निशमन विभाग ने जिले के शिक्षण संस्थानों के खिलाफ एक व्यापक और सख्त सुरक्षा अभियान की शुरुआत की है। इस PDA Action on Coaching Center का मुख्य उद्देश्य छात्रों के जीवन की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार के समझौते को रोकना है।
PDA Action on Coaching Center: सुरक्षा में चूक पर गाज
प्रयागराज, जिसे अक्सर ‘शिक्षा की राजधानी’ के रूप में जाना जाता है, यहाँ हजारों की संख्या में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र रहते हैं। शहर के व्यस्त इलाकों में संचालित कोचिंग सेंटरों की बढ़ती संख्या और वहां सुरक्षा मानकों की कमी प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी।
मंगलवार को PDA की टीमों ने शहर के विभिन्न प्रमुख कोचिंग हब में औचक निरीक्षण किया। इस व्यापक PDA Action on Coaching Center के तहत, खान ग्लोबल कोचिंग (Khan Global Coaching) समेत कुल 4 प्रमुख संस्थानों को सुरक्षा नियमों के घोर उल्लंघन के कारण तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। इसके अलावा, दर्जनों अन्य संस्थानों को सख्त नोटिस जारी कर चेतावनी दी गई है कि यदि उन्होंने एक निश्चित समयावधि में सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं किया, तो उन पर भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर ज़ीरो टॉलरेंस
प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि छात्रों की सुरक्षा के मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित मापदंडों पर ध्यान केंद्रित किया है, जो इस PDA Action on Coaching Center का आधार हैं:
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अग्नि सुरक्षा अनुपालन: क्या संस्थान के पास अग्निशमन विभाग द्वारा जारी वैध एनओसी (NOC) है? क्या अग्नि शमन यंत्र कार्यशील स्थिति में हैं और क्या स्टाफ को इनका उपयोग करना आता है?
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आपातकालीन निकास (Evacuation Route): जांच में पाया गया कि कई कोचिंग सेंटर बहुमंजिला इमारतों में चल रहे हैं, जहां निकास मार्ग बेहद संकीर्ण हैं। सुरक्षा मानकों के अनुसार, आपात स्थिति में छात्रों के तेजी से सुरक्षित बाहर निकलने के लिए पर्याप्त चौड़े रास्ते अनिवार्य हैं।
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भवन मानचित्र (Building Bylaws): कई कोचिंग सेंटर आवासीय भवनों में संचालित हो रहे थे, जिनका नक्शा व्यावसायिक उपयोग के लिए स्वीकृत नहीं था। अनाधिकृत रूप से किए गए निर्माण छात्रों के लिए बड़ा जोखिम पैदा करते हैं।
छात्रों और अभिभावकों के बीच प्रतिक्रिया
प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद शहर में हड़कंप मच गया है। जहां छात्र और अभिभावक अब अपने संस्थानों की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क हो गए हैं, वहीं प्रशासन के इस कदम की सराहना भी की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि PDA Action on Coaching Center के माध्यम से प्रशासन ने एक स्पष्ट संकेत दिया है कि भविष्य में लापरवाही के लिए कोई स्थान नहीं है।
प्रशासनिक रणनीति और भविष्य की राह
पीडीए अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह कोई एक दिन का अभियान नहीं है। आने वाले दिनों में, उन सभी निजी कोचिंग संस्थानों की गहन जांच की जाएगी, जिनमें छात्रों की बड़ी तादाद है।
अधिकारियों ने कहा, “हम संस्थानों को बंद करने के पक्ष में नहीं हैं, हम उन्हें सुरक्षित बनाने के पक्ष में हैं। लेकिन सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान के खिलाफ PDA Action on Coaching Center जारी रहेगा।” जो संस्थान सील किए गए हैं, उन्हें दोबारा खोलने के लिए फायर विभाग और पीडीए के नियमों का शत-प्रतिशत पालन अनिवार्य होगा।
लखनऊ हादसे में मारे गए युवाओं को श्रद्धांजलि
लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों के निधन से पूरे प्रदेश में शोक व्याप्त है। इसी कड़ी में आज प्रयागराज में कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं ने चंद्रशेखर आजाद शहीदी स्थल पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की।
छात्रों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर अग्निकांड में मारे गए साथियों को विनम्र श्रद्धांजलि दी। इसके बाद कैंडल मार्च निकालते हुए छात्र चंद्रशेखर आजाद पार्क से सुभाष चौराहे तक पहुंचे।
श्रद्धांजलि देने आए छात्र-छात्राओं ने कहा कि इस भीषण अग्निकांड में हमने अपने भाई-बहनों को खोया है। सरकार से मांग है कि ऐसे कोचिंग संस्थानों पर सख्त कार्रवाई हो जो खोलने से पहले सभी नियमों का पालन नहीं करते। छात्रों का कहना था कि अगर संस्थान में दो तरफ से निकासी द्वार होते तो कई जानें बच सकती थीं।
छात्रों ने प्रशासन से सभी कोचिंग सेंटरों की फायर सेफ्टी और निकास व्यवस्था की तत्काल जांच कराने की मांग की।
