बरेली में उर्स-ए-ताजुश्शरिया में शामिल होकर घर लौट रहे मौलाना तौसीफ रजा की मौत के मामले में जीआरपी ने एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा किया है। इस हाईप्रोफाइल Maulana Tauseef Case में करीब डेढ़ महीने तक चली सघन जांच के बाद पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है।
जीआरपी ने इस मामले में ₹10,000 के इनामी आरोपी पंकज राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा की गई इस गिरफ्तारी के बाद Maulana Tauseef Case की पूरी सच्चाई अब सबके सामने आ चुकी है।
जीआरपी का दावा है कि पकड़े गए मुख्य आरोपी ने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म पूरी तरह कबूल कर लिया है। आरोपी ने बताया कि ट्रेन में मौलाना के साथ उसका किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
विवाद इतना बढ़ गया कि उसने मौलाना को चलती ट्रेन से नीचे धक्का दे दिया था। इस सनसनीखेज खुलासे के बाद पुलिस अब इस Maulana Tauseef Case को हत्या से गैर इरादतन हत्या की धाराओं में बदलने (तरमीम करने) की पूरी तैयारी कर रही है।
बरेली जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर दो से दबोचा गया आरोपी
एसएसपी जीआरपी आशुतोष शुक्ला ने इस Maulana Tauseef Case के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी पंकज राजपूत मुरादाबाद के मोहल्ला कानून गोयान का निवासी है। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक रेलवे, मुरादाबाद द्वारा 10 हजार रुपये का नकद इनाम भी घोषित किया गया था।
इस Maulana Tauseef Case को सुलझाने के लिए जीआरपी की टीम ने सर्विलांस, मुखबिरों के जाल और ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों से मिले इनपुट का सहारा लिया। इन सभी कड़ियों को जोड़ने के बाद आखिरकार आरोपी की सटीक पहचान सुनिश्चित की जा सकी।
पहचान होने के बाद जीआरपी ने घेराबंदी तेज की और बरेली जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर चेकिंग के दौरान आरोपी पंकज राजपूत को सफलतापूर्वक दबोच लिया। इसके साथ ही Maulana Tauseef Case का मुख्य आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में है।

Maulana Tauseef Case की तह तक जाने के लिए 200 से अधिक यात्रियों से हुई पूछताछ
इस पेचीदा Maulana Tauseef Case की तह तक पहुंचने के लिए जीआरपी को काफी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जांच टीम ने उस ट्रेन के कोच संख्या 8, 9 और 10 में सफर कर रहे 200 से अधिक यात्रियों से व्यक्तिगत रूप से पूछताछ की।
इसके साथ ही बरेली जंक्शन समेत मार्ग में पड़ने वाले विभिन्न रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज भी बारीकी से खंगाले गए। यात्रियों के दर्ज बयान और सीसीटीवी की वीडियो क्लिप इस Maulana Tauseef Case में सबसे अहम और अकाट्य सबूत साबित हुए, जिनकी मदद से पुलिस हत्यारे तक पहुंच सकी।
गौरतलब है कि बिहार के किशनगंज के रहने वाले मौलाना तौसीफ रजा 27 अप्रैल को 04314 योगनगरी ऋषिकेश-मुजफ्फरपुर स्पेशल ट्रेन से अपने घर वापस लौट रहे थे। उसी दिन सुबह करीब सात बजे उनका शव कैंट थाना क्षेत्र के पालपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रैक पर मिला था।
वह जनरल टिकट पर यात्रा कर रहे थे, लेकिन स्लीपर कोच में आकर बैठ गए थे। इसी दौरान सीट या किसी अन्य बात को लेकर यह विवाद शुरू हुआ, जिसने Maulana Tauseef Case का रूप ले लिया।
पीड़ित पत्नी ने लगाया था पीटकर ट्रेन से नीचे फेंकने का गंभीर आरोप
इस दुखद घटना के बाद 4 मई को मृतक मौलाना की पत्नी तबस्सुम बरेली पहुंची थीं। उन्होंने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद Maulana Tauseef Case में पुलिसिया कार्रवाई तेज हुई।
उनका सीधा आरोप था कि ट्रेन में कुछ असामाजिक तत्वों ने उनके पति के साथ बेरहमी से मारपीट की और बाद में उन्हें चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। पत्नी ने यह भी बताया था कि घटना से ठीक पहले मौलाना ने फोन कर ट्रेन में कुछ लोगों से गंभीर विवाद होने की जानकारी दी थी।
एसएसपी जीआरपी आशुतोष शुक्ला ने स्पष्ट किया कि आरोपी ने झगड़े के बाद मौलाना को धक्का देने की बात स्वीकार की है। अब इस Maulana Tauseef Case में उपलब्ध सभी पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में आवश्यक कानूनी बदलाव किए जा रहे हैं। आरोपी को पहचानने वालों का कहना है कि पंकज शराब का आदी है। वो शराब पीने के बाद होश खो देता है। मौलाना तौसीफ से झगड़े के समय भी उसने शराब पी रखी थी। पंकज के शराबी होने या शराब पीकर मौलाना तौसीफ से झगड़ा करने के मुद्दे पर पुलिस ने अभी कोई बयान नहीं दिया है।
