Caught on Cameraबिजनौर जिले के नजीबाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (समीपुर) के प्रभारी व स्वास्थ्य विभाग के नोडल अफसर डॉ. प्रमोद देशवाल का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में अधिकारी अपनी कार में बैठकर एक व्यक्ति से पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो में डॉक्टर यह कहते भी सुनाई दे रहे हैं, तुम्हारे यहाँ बार-बार आना पड़ता है, तभी तुम मिल पाते हो। इस दौरान कार में ड्राइवर की सीट पर एक अन्य व्यक्ति और पीछे की सीट पर एक युवक भी बैठा नजर आ रहा है। वीडियो सामने आने के बाद से ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
फील्ड ड्यूटी से हटाए गए आरोपी डॉक्टर
मामला सामने आते ही बिजनौर की जिलाधिकारी (DM) जसजीत कौर ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो का संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। शुरुआती कार्रवाई के तहत डॉ. प्रमोद देशवाल का स्थानांतरण (तबादला) कर दिया गया है। साथ ही, उन्हें सौंपे गए फील्ड के सभी अतिरिक्त कार्यों से भी हटा दिया गया है।”
निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी गठित
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. कौशलेंद्र सिंह के मुताबिक, वीडियो की सत्यता और पूरे मामले की बारीकी से जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (ADM) और सीएमओ की एक संयुक्त कमेटी का गठन किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में डॉ. प्रमोद दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी व विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
नोडल अधिकारी का बयान
दूसरी ओर, आरोपों पर सफाई देते हुए नोडल अधिकारी डॉ. प्रमोद देशवाल ने खुद को बेकसूर बताया है। उनका दावा है कि यह वीडियो उन्हें फंसाने के लिए एक सोची-समझी साजिश के तहत बनाया गया है।
डॉ. देशवाल के अनुसार, उन्होंने एक अन्य चिकित्सक को कुछ पैसे उधार दिए थे। बार-बार मांगने के बाद भी जब वह पैसे नहीं लौटा रहा था, तो वे खुद अपनी रकम वापस लेने गए थे। वीडियो में दिखने वाले पैसे उधार की वही रकम है, न कि कोई रिश्वत। फिलहाल प्रशासन कमेटी की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।
(बिजनौर से रविंद्र कुमार की रिपोर्ट)
