Crackdown पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मेदिनी पुर के भगवानपुर में एक रैली में अभिषेक बनर्जी ने गृहमंत्री अमित शाह को मंच से खुले आम धमकी देते हुए कहा था कि 4 मई की रात को पश्चिम बंगाल में रुक कर दिखाना, देखेंगे कितने बड़े गुण्डा हो, सारी गुण्डी निकाल देंगे। यह घटना 19 अप्रैल की बताई जा रही है। अभिषेक बनर्जी को शायद यह नहीं मालूम था कि देश के गृहमंत्री को धमकी देना उनको भारी पड़ सकता है।
कोलकाता के सॉल्ट लेक सिटी स्थित बिधाननगर कमिश्नरेट के साइबर पुलिस स्टेशन में राजीव सरकार नाम के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। राजीव सरकार ने चुनाव प्रचार के दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं को अभद्र भाषा से संबोधित करने और गृहमंत्री को धमकी देने का आरोप लगाया है। राजीव सरकार ने पुलिस को अभिषेक बनर्जी के कई वीडियो क्लिप भी दिए हैं। राजीव सरकार ने यह शिकायत काफी पहले दी थी मगर एफआईआर शुक्रवार को दर्ज की गई।
कानून के जानकारों का कहना है कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जिन धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है उनमें से कुछ ऐसी हैं जिनमें पांच साल या उससे ज्यादा की सजा का प्रावधान है। पुलिस अभिषेक बनर्जी को गिरफ्तार कर सकती है और पूछताछ के लिए कोर्ट से रिमांड पर भी ले सकती है। यदि ऐसा हुआ तो अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी के खिलाफ शुभेंदु अधिकारी की पहली कार्रवाई होगी।
राजीव सरकार ने यह शिकायत चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद पांच मई को दी थी। जिस पर जांच करने के बाद बिधान नगर पुलिस ने 15 मई को एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में अभिषेक बनर्जी पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 192, 196, 351(2) और 353(1)(c) के तहत और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(2) और 125 के तहत दर्ज किया गया है। इनमें से तीन धाराएं गैर जमानती हैं। इसका मतलब यह कि पुलिस अभिषेक बनर्जी को नोटिस देकर पूछताछ कर सकती है और आवश्कता महसूस होने पर गिरफ्तार भी कर सकती है।
देखिए, वो वीडियो जिसमें अभिषेक बनर्जी गृहमंत्री अमित शाह को धमकी देते हुए दिखाई दे रहे हैं। इतना ही नहीं उन्होंने यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को भी नहीं बख्शा है-
पश्चिम बंगाल में #Crackdown शुरू,@abhishekaitc
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज, देखिए अभिषेक गृहमंत्री अमित शाह को क्या धमकी दी थी… @AmitShahOffice@BJP4India@BJP4WBengal pic.twitter.com/1q5L0mNVZE— news wala (@NewsWalaOrg) May 16, 2026
देखिए, अमित शाह के खिलाफ दर्ज एफआईआर-

एफआईआर में कहा गया है कि इन भाषणों में ऐसे भड़काऊ, धमकी भरे और उत्तेजक फैक्ट शामिल थे, जिनसे सार्वजनिक अव्यवस्था फैल सकती थी और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता था। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान विपक्षी नेताओं एंव कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया। अभिषेक बनर्जी ने मंच से कहा था कि 4 मई के बाद देखेंगे की उनको कौन फॉदर उन्हें बचाने आता है। इस बयान को काफी भड़काऊ और धमकी देने वाला माना गया है।