Rice to Nepal: भारत से नेपाल को तोहफा, नहीं रुकेगी चावल की सप्लाई

Rice to Nepal: भारत से नेपाल को तोहफा, नहीं रुकेगी चावल की सप्लाई

भारत ने गैर बासमती समेत सभी चावलों के निर्यात को प्रतिबंधित कर रखा है। लेकिन इस बीच नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के सलाहकारों ने कहा है कि भारत सरकार से उन्हें चावल की आपूर्ति का आश्वासन मिला है। नेपाल को चावल की आपूर्ति भारत की ओर से बंद नहीं होगी। नेपाली प्रधानमंत्री के मुख्य राजनीतिक सलाहकार हरिबोल गजुरेल ने बताया कि शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेपाली प्रधानमंत्री से बातचीत हुई और इसमें चावल का मुद्दा शामिल था।

गजुरेल के मुताबिक नेपाली सरकार के अनुरोध को भारत ने सकारात्मक तौर पर लिया है, जिसके कारण वह निश्चिंत हैं। प्रधानमंत्री प्रचंड के प्रेस सलाहकार गोबिंद आचार्य ने भी इसकी पुष्टि की है कि नेपाल के लिए चावल का निर्यात बंद नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बातचीत में दो महीने पहले प्रधानमंत्री प्रचंड की भारत यात्रा के दौरान दोनों के बीच सहमति पर चर्चा हुई थी।

नेपाल में चावल का एक बड़ा हिस्सा भारत से निर्यात किया जाता है। इतना ही नहीं यह दुनिया का सबसे बड़ा चावल निर्यातक देश है। वैश्विक स्तर पर भारत से निर्यात होने वाले चावल की हिस्सेदारी पिछले साल 40 फीसदी थी। अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान के मुताबिक 2022-23 के दौरान भारत ने दो करोड़ 25 लाख मीट्रिक टन चावल निर्यात किया। नेपाल सरकार के उद्योग, वाणिज्य और आपूर्ति मंत्रालय ने भारत से चावल की आपूर्ति जारी रखने का अनुरोध करते हुए पत्र लिखा था।

भारत ने 20 जुलाई को गैर बासमती चावल के निर्यात को प्रतिबंधित किया था। घरेलू बाजारों में चावल की कीमतों में बढ़ोतरी रोकने के लिए ये कदम उठाया गया था। इसके तुरंत बाद नेपाल में चावल की कीमतें बढ़ने लगीं। नेपाल में हर साल 55 लाख मीट्रिक टन चावल का उत्पादन होता है। नेपाल ही नहीं, चावल के निर्यात रोकने का असर अमेरिका में भी देखने को मिला था। अमेरिका के सुपर मार्केट्स में चावल को खरीदने पर लिमिट लगा दी गई है।

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