Arvind Kejriwal ने मुख्यमंत्री रहते हुए बस मार्शलों की बहाली के लिए उपराज्यपाल महोदय को पत्र लिखा था : Saurabh Bhardwaj

Arvind Kejriwal ने मुख्यमंत्री रहते हुए बस मार्शलों की बहाली के लिए उपराज्यपाल महोदय को पत्र लिखा था : Saurabh Bhardwaj

दिल्ली विधानसभा में सदन को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, कि दिल्ली के लगभग 10000 बस मार्शल आज बर्बादी की कगार पर आ गए हैं I उन्होंने कहा कि आज इन 10000 बस मार्शलों के घर में चूल्हा जलना बंद हो गया है, जो लोग किराए पर रह रहे हैं वह अपने घर का किराया तक नहीं दे पा रहे हैं, कुछ लोगों ने परेशान होकर आत्महत्या तक कर ली है और बेहद ही परेशानियों में यह लोग अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं I उन्होंने कहा इनमें से अधिकतर लोग बेहद ही गरीब परिवार से आते हैं और ज्यादातर अपने परिवार में इकलौते कमाने वाले हैं I उन्होंने कहा कि इन 10000 बस मार्शलों के जरिए से दिल्ली की बसों में चलने वाली महिलाओं को एक बेहतर सुरक्षा मुहैया कराई जा रही थी, परंतु अब वह बंद हो चुकी है I

मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि बसों में ऐसा अक्सर देखा जाता है कि महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की जाती है, बदतमीजी की जाती है और इसी प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए दिल्ली की बसों में बस मार्शलों को तैनात किया गया था, ताकि बसों में चलते वक्त महिलाएं सुरक्षित महसूस करें, और उन्हें पता हो कि यदि कोई भी उन्हें परेशान करता है तो यहां कोई ऐसा है, कि जिसे वह शिकायत कर सकती हैं I उन्होंने कहा कि यह सभी बस मार्शल अपना काम बहुत अच्छी तरह से कर रहे थे, सब कुछ बेहतर चल रहा था और अचानक से जनवरी 2023 में इन बस मार्शलों की तनख्वाह रोक दी गई I मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि जब से दिल्ली में उपराज्यपाल के पद पर विनय सक्सेना जी आए हैं, एक पैटर्न सेट कर लिया गया है, कि जिस विभाग को भी बर्बाद करना हो उस विभाग द्वारा बनाई गई योजनाओं में कुछ ना कुछ कमी निकालकर उसे बंद कर दिया जाए I मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दुनिया की कोई भी योजना हो यदि ढूंढा जाए तो उसमें एक कमी तो निकाली ही जा सकती है I बस इसी का सहारा लेकर दिल्ली सरकार के अलग-अलग विभागों द्वारा जनहित में बनाई गई योजनाओं को रोकने का काम किया जा रहा है I

मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अधिकारियों को इस प्रकार की योजनाओं को रोकने के लिए निर्देश दिए जाते हैं और अधिकारी उस योजना में कोई भी छोटी-मोटी कमी निकालकर उसको रोकने का काम शुरू कर देते हैं I इसी पैटर्न के तहत ट्रांसपोर्ट विभाग के एक अधिकारी आशीष कुंद्रा जो कि उपराज्यपाल महोदय का चाहिता अधिकारी हैं, उनको भी दिल्ली की बसों में तैनात किए गए बस मार्शलों की इस योजना को रोकने का काम दिया गया I उन्होंने कहा कि यह बड़े-बड़े अधिकारी अपने विभाग के छोटे क्लर्क ग्रेड एवं एसओ स्तर के अधिकारियों को निर्देश देते हैं और वह अधिकारी उस योजना की फाइल में लिख देते हैं, कि यह योजना ठीक नहीं है, उसके पश्चात उच्च अधिकारी तक उस नोटिंग को हस्ताक्षर करके अप्रूव कर देते हैं और योजना बंद कर दी जाती है I मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ऐसा ही एक नोट बस मार्शलों की योजना को रोकने के लिए उनकी फाइल पर भी लिख दिया गया I उन्होंने कहा की फाइल में लिखा गया क्योंकि बसों में सीसीटीवी कैमरा लग गए हैं, पैनिक बटन लगा दिया गया है तो अब इन बस मार्शलों की कोई आवश्यकता नहीं है I मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि फाइल पर लिखे गए इस नोटिंग से ट्रांसपोर्ट विभाग के मंत्री कैलाश गहलोत एवं राजस्व विभाग की मंत्री अतिशी दोनों ही असहमत थे, परंतु फिर भी उनकी असहमति को दरकिनार कर अधिकारियों द्वारा इस फाइल को अप्रूव किया गया और जनवरी 2023 में बस मार्शलों की तनख्वाह रोक दी गई I

इस मामले में उस समय के तत्कालीन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी द्वारा इस संबंध में दिल्ली के उपराज्यपाल महोदय को लिखे गए पत्र का हवाला देते हुए मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, कि जनवरी में इन बस मार्शलों की तनख्वाह रोके जाने के बाद जब सितंबर के माह तक उन्हें तनख्वाह नहीं दी गई तो यह मामला गरमाया और इसका संज्ञान लेते हुए अरविंद केजरीवाल जी ने उपराज्यपाल महोदय को लिखा, कि इन सभी बस मार्शलों को तुरंत प्रभाव से बहाल किया जाए और उनकी तनख्वाह जल्द से जल्द इन लोगों को दी जाए I साथ ही साथ अरविंद केजरीवाल जी ने यह भी लिखा कि जिन अधिकारियों ने इन गरीब बस मार्शलों की तनख्वाह रोकने का काम किया है, उन अधिकारियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई भी की जाए I अरविंद केजरीवाल जी ने टिप्पणी करते हुए कहा कि इस प्रकार के अधिकारी केवल अपनी तनख्वाह और अपने प्रमोशन से ही मतलब रखते हैं, किसी गरीब आदमी की समस्याओं से इन्हें कोई लेना देना नहीं है I सदन के माध्यम से प्रश्न पूछते हुए मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, कि क्या दिल्ली के उपराज्यपाल महोदय ने इस मामले में किसी अधिकारी के खिलाफ कोई भी कार्रवाई की?

मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा की 29 फरवरी 2024 को इस सदन के पटल पर एक संकल्प पत्र रखा गया था इन बस मार्शलों की बहाली के संबंध में और आज हम इस सदन के पटल पर एक बार फिर से एक संकल्प पत्र रख रहे हैं और जैसा की भाजपा के विधायक गणों की ओर से जो सुझाव है, उन सुझावों को इस संकल्प पत्र में शामिल करते हुए, दिल्ली सरकार के सुझावों को भी उसमें सम्मिलित कर उपराज्यपाल महोदय को भेजा जाएगा I सदन के माध्यम से मंत्री सौरभ भारद्वाज ने भाजपा के सभी विधायकों के सम्मुख प्रस्ताव रखते हुए कहा कि इस प्रकार एक दूसरे पर आरोप और प्रत्यारोप का सिलसिला बहुत हो चुका है, आज हम इस सदन के पटल से इस बात का एलान करते हैं, कि 3 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी के सभी विधायक और दिल्ली सरकार के मंत्री उपराज्यपाल महोदय से, इस संबंध में मिलने के लिए तैयार हैं और हम आशा करते हैं, कि भाजपा के सभी विधायक गण भी हमारे साथ उपराज्यपाल महोदय के कार्यालय चलेंगे और जब तक इस मामले पर उपराज्यपाल महोदय की ओर से कोई ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक उनके कार्यालय से नहीं आएंगे I साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि उपराज्यपाल महोदय जहां जिस पेपर पर इन बस मार्शलों की बहाली के संबंध में जो लिखने के लिए कहेंगे, जहां हस्ताक्षर करने के लिए कहेंगे दिल्ली सरकार और दिल्ली सरकार के मंत्री वहां हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हैं, परंतु इन बस मार्शलों की बहाली जल्द से जल्द होनी चाहिए I सदन के माध्यम से मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी के विधायक और उपराज्यपाल महोदय इस संबंध में अब भी कोई कार्रवाई नहीं करते तो यह साफ हो जाएगा कि इन बस मार्शलों की बहाली को रोकने का काम भाजपा और केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए उपराज्यपाल महोदय द्वारा किया जा रहा है I

इसके बाद सभी के सहमति से सदन में प्रस्ताव पास हुआ कि हमारे ओर भाजपा के सभी विधायक और सरकार के मंत्री 3 अक्टूबर 2024 को उपराज्यपाल कार्यालय जाएँगे।

Rajeev Sharma Avatar

Rajeev Sharma

Chief Editor & CEO PhD, LLB

more then 30 yrs experience of Print and Electronic media. Hold the key positions in various popular media organizations as Bureau chief, Special Correspondent-investigative stories, News Editor.

Areas of Expertise: Reporting and Analysis on Contemporary, Political, Social, and Geopolitical Issues
Fact Checked & Editorial Guidelines
Reviewed by: Subject Matter Experts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *