Self Immolation जनपद बिजनौर के थाना कोतवाली शहर परिसर में एक महिला द्वारा आत्मदाह का प्रयास किए जाने की घटना ने रविवार देर रात पुलिस महकमे और स्थानीय लोगों को झकझोर दिया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों की त्वरित कार्रवाई और सूझबूझ के चलते Self Immolation का प्रयाक करने वाली महिला की जान बच गई। पुलिस ने महिला को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया और गंभीरता को देखते हुए नए सिरे से मुकदमा भी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस नोट के अनुसार, अवनीशा चौधरी नामक महिला वर्ष 2024 से विभिन्न कानूनी मामलों में न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा रही है। अवनीशा ने वर्ष 2024 में सौरभ पुत्र संजू सहित पांच लोगों के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस विवेचना के दौरान सीडीआर और अन्य तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों की जांच की गई। जांच में आरोपों की पुष्टि न होने पर पुलिस ने नियमानुसार अंतिम रिपोर्ट न्यायालय को प्रेषित कर दी थी।
इसके बाद अवनीशा चौधरी ने सौरभ पर विवाह का झांसा देकर संबंध बनाने का आरोप लगाते हुए वर्ष 2025 में एक अन्य मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस ने विस्तृत जांच के बाद चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की, जिस पर हाल ही में न्यायालय द्वारा संज्ञान भी लिया गया था।
समझौता न होने पर नाराज महिला ने की Self Immolation की कोशिश
पुलिस के अनुसार, 21 जून 2026 को अवनीशा चौधरी थाना कोतवाली शहर पहुंची और प्रतिपक्षी पक्ष के लोगों को बुलाकर बातचीत कराने का अनुरोध किया। पुलिस ने तत्काल उनके निवास स्थान पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन संबंधित लोग घर पर नहीं मिले। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने महिला को आश्वस्त किया कि अगले दिन पुनः संपर्क स्थापित कर वार्ता कराने का प्रयास किया जाएगा।
बताया गया है कि इस आश्वासन से महिला संतुष्ट नहीं हुई और थाना परिसर से बाहर निकल गई। पुलिस द्वारा उपलब्ध कराए गए सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच में सामने आया कि रात लगभग 10:30 बजे महिला के सौतेले पिता नरेश एक बोतल में ज्वलनशील पदार्थ लेकर पहुंचे। करीब 11 बजे के आसपास महिला उक्त पदार्थ लेकर पुनः थाना परिसर में दाखिल हुई और स्वयं पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगाने का (Self Immolation) प्रयास कर दिया।
पुलिसकर्मियों की फुर्ती से टला बड़ा हादसा
Self Immolation की घटना के दौरान थाना परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने असाधारण तत्परता दिखाते हुए तत्काल आग बुझाने का प्रयास किया और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उसे तुरंत जिला अस्पताल बिजनौर भेजा गया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे मेरठ रेफर कर दिया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि मौके पर मौजूद कर्मियों ने कुछ सेकंड की भी देरी की होती तो घटना कहीं अधिक गंभीर रूप ले सकती थी।
मां की तहरीर पर नया मुकदमा दर्ज
Self Immolation की घटना के बाद अवनीशा की माता ने पुलिस को एक प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें आरोप लगाया गया कि सौरभ और उसका परिवार पहले से चल रहे मुकदमे और उसमें दाखिल आरोप पत्र से नाराज था तथा लगातार उनकी पुत्री को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। इसी मानसिक दबाव के चलते उनकी पुत्री ने आत्मदाह (Self Immolation) जैसा कदम उठाने को मजबूर थी।
माता की तहरीर के आधार पर पुलिस ने सौरभ एवं अन्य संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा संख्या 475/2026 दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है तथा जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर थाना प्रभारी निलंबित
Self Immolation की घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आत्ममंथन करते हुए जवाबदेही भी तय की है। जांच में थाना परिसर में आने-जाने वाले व्यक्तियों की प्रभावी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में शिथिलता पाए जाने पर थाना प्रभारी निरीक्षक अमर सिंह राठौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। घटना में जहां एक ओर पुलिसकर्मियों ने महिला की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वहीं सुरक्षा व्यवस्था में हुई कमी पर भी सख्त कार्रवाई की गई है।
पुलिस की भूमिका रही निर्णायक
पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण रही। एक ओर पुलिस ने पहले से दर्ज मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष विवेचना की, वहीं आत्मदाह (Self Immolation) जैसी गंभीर स्थिति में तत्काल हस्तक्षेप कर महिला का जीवन बचाने का काम भी किया। साथ ही, पीड़िता की माता की शिकायत पर नया मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने कहा है कि फिलहाल Self Immolation का प्रयास करने वाली महिला का उपचार जारी है और पुलिस पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। तथ्यों के आधार पर दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। (बिजनौर से रविंद्र कुमार की रिपोर्ट)
