Bareilly Central Jail उत्तर प्रदेश के बरेली सेंट्रल जेल से सोमवार दोपहर एक पॉक्सो एक्ट के उम्रकैदी के फरार होने की घटना ने जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। इस घटना ने न केवल Bareilly Central Jail की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा किया है, बल्कि स्थानीय निवासियों में भी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। बरेली सेंट्रल जेल (Bareilly Central Jail ) में कई अतिसंवेदनशील कैदी बंद हैं। ऐसे में किसी एक कैदी का जेल से भाग जाना जेल की सुरक्षा और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
कैसे हुई सुरक्षा में चूक?
Bareilly Central Jail से फरार कैदी की पहचान दिनेश पुत्र अरविंद, निवासी नेनेडा राजपूत, थाना डिडौली, जनपद अमरोहा के रूप में हुई है। दिनेश बिजनौर जिले के एक ग पॉक्सो एक्ट मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा था। वह पिछले छह वर्षों से बरेली सेंट्रल जेल में बंद था और अपनी सजा की अवधि पूरी कर रहा था।
जेल सूत्रों के अनुसार, सोमवार दोपहर जेल प्रशासन द्वारा एक विशेष कार्य हेतु 12 अन्य बंदियों के साथ दिनेश को जेल परिसर से बाहर ले जाया गया था। यह कैदियों को बाहर ले जाने की प्रक्रिया जेल की आंतरिक कार्यप्रणाली का हिस्सा होती है, लेकिन इसी दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने में भारी चूक हुई। दिनेश ने सुरक्षा कर्मियों की नजरों से बचकर भागने का सटीक मौका तलाश लिया और देखते ही देखते वह जेल की सुरक्षा दीवारों को पार कर ओझल हो गया।
काफी देर तक जब दिनेश अपनी टोली में वापस नहीं आया, तो बंदी आरक्षियों के होश उड़ गए। पहले तो सेंट्रल जेल (Bareilly Central Jail) के बंदी आरक्षियों और जेलर ने जेल के भीतर ही सर्च अभियान चलाया, जब दिनेश कहीं नहीं मिला तो इसकी जानकारी बरेली के डीएम-एसएसपी सहित उच्च अधिकारियों को दिनेश के जेल से भाग जाने की सूचना दी गई।

अफसरों के भी होश उड़े
Bareilly Central Jail से कैदी के भागने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी अविनाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य आनन-फानन में Bareilly Central Jail पहुंचे। वहां पहुंचकर दोनों अधिकारियों ने जेल अधीक्षक से घटनाक्रम का विस्तृत ब्यौरा लिया और सुरक्षा में हुई सेंध के हर पहलू की गहन समीक्षा की।
डीएम और एसएसपी ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और ड्यूटी पर तैनात प्रहरियों की तैनाती की बारीकी से जांच की। एसएसपी अनुराग आर्य ने स्पष्ट निर्देश दिए कि फरार कैदी की धरपकड़ के लिए एक व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दे दिए गए हैं। बिजनौर और अमरोहा जनपद के पुलिस अधिकारियों को भी दिनेश के जेल से भागने की सूचना दे दी गई है।
पुलिस का एक्शन प्लान: टीमें गठित और सर्च ऑपरेशन तेज
Bareilly Central Jail से फरार कैदी दिनेश से पिछले दिनों किन-किन लोगों ने मुलाकात की थी- उन सब की जानकारी निकलवाई गई है। फरार कैदी दिनेश की तलाश में पुलिस ने युद्धस्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस की कई विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो दिनेश के संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों और उसके गृह जनपद अमरोहा भी जाएंगी
इस ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए पुलिस निम्न तकनीकी और पारंपरिक तरीकों का उपयोग कर रही है:
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सर्विलांस टीम: कैदी के पुराने संपर्कों और मोबाइल कॉल डिटेल्स की गहन जांच।
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इंटेलिजेंस नेटवर्क: मुखबिर तंत्र को सक्रिय करना ताकि उसकी लोकेशन का सटीक पता चल सके।
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पड़ोसी जिलों में अलर्ट: बरेली के अलावा, बिजनौर, अमरोहा पुलिस को भी हाई अलर्ट पर रखा गया है।
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सीमाओं पर चेकिंग: अंतर-जनपदीय सीमाओं पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
सात जेल कर्मचारी निलंबित
Bareilly Central Jail में गंभीर सुरक्षा चूक को प्रशासन ने अत्यंत गंभीरता से लिया है। Bareilly Central Jail के वरिष्ठ अधीक्षक ने प्रथम दृष्टया जेल कर्मियों की लापरवाही को इस घटना का मुख्य कारण माना है। जवाबदेही तय करते हुए सात जेल कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबित किए गए कर्मचारियों में जेल वार्डर विशंभर सिंह, अर्जुन प्रसाद, गेंदनलाल, मुकेश कुमार और मोहित कुमार शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी विजय कुमार और यशपाल के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित किया गया है। जेल प्रशासन ने इस पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
Bareilly Central Jail से कैदी के फरार होने घटना जेल मैनुअल और सुरक्षा मानकों के पालन पर कई सवाल खड़े करती है। एक उम्रकैदी दिनेश, जिसे विशेष निगरानी में होना चाहिए था, वह कैसे आसानी से चकमा देकर फरार हो गया? क्या वहां मौजूद स्टाफ की संख्या पर्याप्त थी? क्या उस समय कोई वरिष्ठ अधिकारी निगरानी में था? इन सभी सवालों के जवाब विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि वे Bareilly Central Jail से कैदी के फरार होने के मामले में शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति अपना रहे हैं। जो भी कर्मचारी इस चूक के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जेल की सुरक्षा को और अधिक आधुनिक बनाने के लिए तकनीकी उपकरणों जैसे हाई-डेफिनिशन कैमरे और बेहतर गश्त प्रणालियों पर विचार किया जा रहा है।
