इजरायल-ईरान युद्ध ने मध्य-पूर्व को वैश्विक संकट की ओर धकेल दिया है, जिसमें तीसरे विश्व युद्ध की आशंका बढ़ रही है। इजरायल के परमाणु ठिकानों पर हमले और ईरान की जवाबी मिसाइल कार्रवाई ने तनाव को चरम पर पहुंचाया। अमेरिका, रूस और चीन जैसे वैश्विक शक्तियों की संलिप्तता ने स्थिति को और जटिल किया है। भारत, अपनी गुट-निरपेक्ष नीति और पीएम मोदी की कूटनीतिक कुशलता के साथ, शांति मध्यस्थता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।