PSC: छत्तीसगढ़ में सरकारी भर्ती करने वाली संवैधानिक संस्था लोक सेवा आयोग यानी पीएससी में गड़बड़ी मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद सियासी बवाल मच गया है।
विपक्ष इसे मुद्दा बनाकर कांग्रेस सरकार पर जमकर हमला बोल रही है। इस मामले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कोर्ट जैसा आदेश करेगा हम करेंगे। अभी जांच करा रहे हैं। कोर्ट के आदेश का हम लेग पालन करेंगे।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में आरोप लगाया था कि अफसरों और नेताओं के रिश्तेदारों की नियुक्ति कर दी गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने चयनित 15 नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। कोर्ट को 18 नामों की एक सूची सौंपी गई है, जिनका सलेक्शन हुआ है। इनमें पीएससी के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी के बेटे– बहू व अन्य रिश्तेदारों के साथ ही कुछ अफसरों और नेताओं के रिश्तेदारों के नाम शामिल हैं।
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बुधवार को कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य शासन ने हाईकोर्ट में कहा है कि शासन मामले की स्वयं जांच कर हाईकोर्ट के समक्ष पूरी रिपोर्ट और जवाब प्रस्तुत करेगा। साथ ही मामले की अगली सुनवाई तक इस विषय को बढ़ावा न देकर जिन व्यक्तियों पर आरोप लगा है और उनकी नियुक्ति नहीं हुई है, उनकी नियुक्ति को अंतिम रूप नहीं दिया जाएगा। जिनकी नियुक्तियां हो चुकी हैं, उन पर यथास्थिति रखते हुए न्यायालय का अंतिम आदेश लागू किया जाएगा। शासन के इस वक्तव्य को रिकार्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने याचिका पर अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को रखी है।
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